वृद्धाश्रम पहुंचे डीएम, बुजुर्गों के बीच बैठकर जाना हाल
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस. समीर बृहस्पतिवार को वृद्ध आश्रम पहुंचे और बुजुर्गों के बीच बैठकर उनका हालचाल जाना। डीएम ने वृद्धजनों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और जरूरतें पूछीं। बुजुर्गों ने भी उनसे खुलकर बातचीत की और आशीर्वाद दिया। जिलाधिकारी ने बुजुर्गों को माला पहनाकर, मिष्ठान और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने पर जिलाधिकारी कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को सीख मिलती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आश्रम में रहने वाले वृद्धजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वृद्ध आश्रम परिसर में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। विभाग की टीम ने बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया।
वृद्धाश्रम में बुजुगों का सम्मान, विधायक ने बांटे अंगवस्त्र
प्रतापगढ़। अंतरराष्टीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर गुरुवार को चिलबिला स्थित महुली वृद्धाश्रम में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य ने आश्रम में रह रहे बुजुर्गों का सम्मान कर उन्हें फल और अंगवस्त्र वितरित किए। विधायक ने बुजुर्गों के साथ बैठकर उनका कुशलक्षेम जाना और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य ने कहा कि उम्र बढ़ना जीवन की स्वाभाविक प्रक्रिया है। बुजुर्गो के पास जीवन का लंबा अनुभव और ज्ञान होता है। नई पीढ़ी को उनके अनुभवों से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग समाज की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उन्हें सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आश्रम में रह रहे बुजुर्गों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। साथ ही उनकी दैनिक जरूरतों और समस्याओं की जानकारी अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा।इस दौरान सभासद दीपक गुप्ता, अनिल सिंह, अभिषेक वैश्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र मौर्य, सीएमओ डॉ. एएन प्रसाद, वृद्धाश्रम प्रबंधक अमितेश मिश्र और संचालक अंबिका प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं वृद्धजन, हुआ सम्मान
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता कार्याशाला का आयोजन
प्रतापगढ़। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर गुरुवार को माधवगंज महली स्थित वृद्धाश्रम परिसर में वृद्धजनों के सम्मान एवं उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता के लिए सम्मान समारोह और कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन शिवा ग्रामोद्योग सेवा संस्थान, कानपुर द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत रीजनल रिसोर्स एंड ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम में वृद्धजनों को माता- पिता और वरिष्ठ नागरिकों का तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रावधानों एवं न्यायाधिकरण की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें नागरिक एवं कानूनी अधिकारों, भरण-पोषण संबंधी प्रावधानों तथा गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान भरण-पोषण वृद्धजनों को वस्त्र एवं फल भेंट करने के साथ माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने वृद्धजनों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना। वक्ताओं ने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और जीवन मूल्य आने वाली पीढ़यिों के लिए महत्वपूर्ण हैं। उनके सम्मान, सरक्षा, स्वास्थ्स और अधिकारों की रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से वृद्धाश्रम परिसर में निःशुल्क मेडिकल कैंप भी लगाया गया। इसमें वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर चिकित्सकीय परामर्श एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में सदर विधायक राजेंद्र मौर्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ए.एन. प्रसाद, जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेद्र कुमार मौर्य, समाजसेवी रोशन लाल उमर वैश्य, पार्षद दीपक कुमार, पार्षद अनिल कुमार सिंह, वसुधा फाउंडेशन की मैथिली सिंह, संस्कार ग्लोबल स्कूल की प्रधानाचार्या समीना अख्तर, अभिषेक पटेल, वृद्धाश्रम प्रबंधक अम्बिका प्रसाद सहित वृद्धाश्रम का समस्त स्टाफ मौजद रहा।
बुजुर्गों के आशीर्वाद से पीढ़ियां पाती हैं संस्कार और अनुभव
जासं, प्रतापगढ़ : अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर गुरुवार को महुली स्थित वृद्धा आश्रम में सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस अवसर पर सदर विधायक राजेंद्र मौर्य ने बुजुर्गों को फल एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही उनके सुख-दुःख, आवश्यकताओं एवं समस्याओं के संबंध में आत्मीयता से संवाद किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन केवल सम्मान के पात्र ही नहीं, बल्कि हमारे समाज की जीवंत विरासत। उनके जीवन के अनुभव आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा का कार्य करते हैं। वरिष्ठजनों के सम्मान, गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहने का संकल्प व्यक्त किया गया। समाज की वास्तविक प्रगति तभी सार्थक है, जब हम अपने बुजुर्गों को सम्मान, सुरक्षा और अपनत्व का भाव प्रदान करें।
बुजु्गो को मिला सम्मान का उपहार, अधिकारों के प्रति किया सजग
अमृत प्रभात, प्रतापगढ़। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर गुरुवार को नहर क्षेत्र के महुली स्थित बृद्धाश्रम में सम्मान समारोह एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का आयोजन शिवा ग्रामोद्योग सेवा संस्थान, कानपुर द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के तहत किया गया। वृद्धजनों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 और न्यायाधिकरण के प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वृद्धजनों को माल्यार्पण कर, वस्त्र एवं फल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क मेडिकल कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श दिया गया। कार्यक्रम में सदर विधायक राजेंद्र मौर्य, सीएमओ ए.एन. प्रसाद, जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र कुमार मौर्य, समाजसेवी रोशन लाल उमर वैश्य, दीपक कुमार, अनिल कुमार सिंह, मैथिली सिंह, समीना अख्तर, अतुल सिंह, अभिषेक पटेल, आश्रम प्रबंधक अम्बिका प्रसाद एवं स्टाफ उपस्थित रहे।
खाकी में ममता, नम हुई मंदाकिनी की आंखें
कानपुर देहात। आज अवसर था अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का। इस मौके खाकी वर्दी में वृद्धाश्रम रनियाँ पहुंची पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय बुजुर्ग महिला मदाकिनी देवी के गले लगी तो भावुक होकर उनकी आंखें नम हो गईं और जुबां से निकला आपका अपनत्व भरा स्नेह पाकर आज तक याद रखेंगे। खाकी का नाम आते ही जेहन में सख्ती, कानून और अनुशासन की तस्वीर उभरती है। लेकिन गुरुवार को रनियां के वृद्धाश्रम में देवी समेत वृद्ध महिलाओं से उन्होंने उनके सुख-दुख, जरूरतों और परेशानियों के बारे में पूछा। पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया तो कई चेहरों पर बरसों बाद जैसी खाकी का एक ऐसा चेहरा नजर चमक दिखाई दी। आया, जिसमें ममत्व की गर्माहट, अपनत्व की मिठास और इंसानियत की खुशबू थी। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय जब वृद्धाश्रम पहुंचीं तो कुछ देर के लिए वहां का माहौल किसी सरकारी कार्यक्रम से अलग, एक आत्मीय परिवार जैसा हो गया। औपचारिक अभिवादन नहीं किया, बल्कि उनके पास बैठकर हालचाल लिए ही सही, रिश्तों की वह कमी की यह तस्वीर जिसे वृद्धाश्रम में जाना। विमला, रामजानकी, पूरी कर दी, जिसका दर्द शायद इन रहने वाले बुजुर्ग शायद लंबे समय सरस्वती, सुमित्रा और मंदाकिनी आंखों का सूनापन कुछ देर के लिए बुजुर्ग आंखों में लंबे समय से ठहरा दूर हो गया। खाकी के इस मानवीय हुआ था। रिश्ते कभी-कभी खून से रूप ने वृद्धाश्रम में एक दिन के नहीं, व्यवहार से बनते हैं। एसपी एसपी ने बुजुर्गों को महज शायद बुजुर्गों को आज किसी बड़ी चीज की जरूरत नहीं थी, उन्हें बस किसी अपने की तरह पूछने वाला, सिर पर हाथ रखने वाला और दर्द सुनने वाला चाहिए था। एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने उनकी यह कमी भी पूरी कर दी। उनके इस समर्पण और संवेदनशील पहल ने यह एहसास कराया कि वर्दी सिर्फ कानून की निगहवानी नहीं करती, बल्कि जरूरत पड़ने पर समाज के उन चेहरों के आंसू भी पढ़ सकती है, जिनकी आवाज अक्सर भीड़ में खो जाती है।